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General Science Questions hindi

Some General Science Facts and Questions part 4

General Science Facts You Should know for your Knowledge part 4
द्रव का प्रवाह नापने का मात्रक क्यूसेक हे जो 1 घनफुट प्रति सेकण्ड के प्रवाह बराबर होता है ।
1 क्यूसेक 0. 028317 घनमीटर/सेकंड।
इलेक्ट्रॉन सभी प्रकार के पदार्थ मे पाया जाने वाला सर्वनिष्ठ कण है ।
जीरो डिग्री – से 4 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करने पर पानी सिकुड़ता है ।
पानी का अधिकतम घनत्व 4०C पर होता है ।
सेकण्ड लोलक का आवर्तकाल 2 सेकण्ड होता है ।
बैरोमीटर के पाठयांक मे अचानक कमी आने से आँधी-तूफान आने’ का संकेत मिलता है ।
बैरोमीटर का पाठ्‌यांक गिरते रहने से वर्षा होने का संकेत मिलता है ।
वायुमण्डल की ओजोन पर्त पराबैंगनी किरणों का अवशोषण कर लेती हैं ।
एनिमोमीटर यंत्र से वायु की शक्ति तथा गति को मापा जाता है ।
आल्टीमीटर यंत्र से विमानो की ऊँचाई मापी जाती है ।
टैकोमीटर यंत्र से वायुयानो (या मोटर बोटों) की गति मापी जाती है ।
पनडुबी के अन्दर से बाहर की है;: देखने के लिए पेरिस्कोप ( periscope ) का प्रयोग जाता है ।
बादल वायु की श्यानता (viscocity ) तथा अपने कम घनत्व के कारण हवा मे तैरते हैं ।
श्यानता गुणाक का मात्रक ‘ पोइज़ ‘ (poise ) है ।
गैसों की श्यानता ताप के साथ बढ़ती है ।
साबुन ‘ घोल के पृष्ठ तनाव (सरफेस टेंशन ) को कम कर देता है । इसी कारण कपड़े धुलकर साफ हो जाते हैं ।
अन्तरिक्ष यान मे पृथ्वी के चारों ओर घूमने से अन्तरिक्ष यात्री को भारहीनता (weight loss ) का अनुभव होता है, क्योकि यान पर कार्य करने वाला गुरात्वीय बल यान को अभिकेन्द्री बल ((centripetal force ) उपलब्ध कराने में व्यय हो जाता हे ।
सुई पानी पर पृष्ठ तनाव के कारण तैरती है ।
एक ही पदार्थ के अणुओ के बीच आकर्षण बल को ‘ससंजक बल’ (cohesive force ) कहते हैं ।
भिन्न-भिन्न पदार्थों के बीच आकर्षण बल को ‘ आसंजक बल’ (Adhesive force ) कहते है ।
घूर्णन गति में द्रव्यमान की अनुरूपता जडत्व आघूर्ण द्वारा होती है ।
तारो का रंग उनके ताप को दर्शाता है ।
किसी पिण्ड के द्रव्यमान ऑर वेग के गुणनफल तगे उसका संवेग (Momentum ) कहते हैं ।
यदि कोई बड़ा बल थोड़े समय के लिए कार्य करे तो बल और समय के गुणनफल को आवेग कहते हैं ।

Some General Science Facts and Questions part 3

General Science Facts You Should know for your Knowledge part 3
किसी वस्तु को मध्यमान समुद्र लेवल पर भूमध्यरेखा से लुटके की ओर ले जाते समय उसका भार बढ़ता जाता है।
वर्षा की बूँदें पृष्ठ तनाव के कारण गोल हो जाती हे ।
फर्मी नाभिकीय त्रिज्या को नापने का मात्रक है ।
नॉट समुद्री जहाज की गति नापने का मात्रक है । 1 नॉट 1852 मीटर’/घण्टा ।
नॉटीकल मील समुद्री दूरी के नापने का मात्रक है । 1 नॉटीकल मील 1852 मीटर ।
हेली तारे की परिभ्रमण कक्षा दीर्घहृत्ताकार होती 76 वर्ष बाद दिखाई देता है ।
इण्डियन इंस्टीट्‌यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स कोडाईकनाल (तमिलनादु) मे अवस्थित हे ।
भारत का प्रथम उपग्रह (आर्यभटट) रूस के कोस्मोड्रोम (cosmodrome ) से प्रक्षिप्त किया गया था ।
राष्ट्रीय विज्ञानदिवस (नेशनल साइंस डे )) 28 फरवरी को मनाया जाता है । यह सी.वी. रमन की खोज ‘रमन प्रभाव’ के प्रकाश में आने के उपलक्ष्य मे मनाया जाता है ।
सीवीरमन को सन 1930 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानिते किया गया ।
आदर्श गैस के अणुओ में परस्पर कुछ भी आकर्षण नहीं होता और फैलने पर आयतन वृद्धि में कुछ भी ऊर्जा परिवर्तन नहीं होता ।
गोनियोमीटर यंत्र से क्रिस्टल का कोण नापते हैं ।
दूध की शुद्धता लेक्टोमीटर से मापी जाती है ।
किसी बर्तन मे तैरती बर्फ के पिघलने से पानी के तल पर कोई प्रभाव ‘ पड़ता है ।
सूर्य और पूजी के बीच चन्द्रमा के आ जाने से सूर्यग्रहण पड़ता है ।
सूर्य और चद्रमा के बीच पूक्तीं के आ जाने से चन्दग्रहण पड़ता है ।
रिचर स्केल (रिएक्टर पैमाना) से भूकम्प की तीव्रता मापी जाती है ।
भूकम्प का पता सीस्मोग्राफ से लगाया जाता है ।
बैरोमीटर की नली का व्यास बढ़ा देने से नली क्ते अन्दर पारे के स्तम्भ की ऊंचाई पर कोई प्रभाव नहीं पडता ।
दाब नापने का मात्रक पास्केल (pascal ) है जो 1 न्यूटन/Sq मी के दाब के बराबर होता है ।

General Science Facts and Questions Part 2

General Science Facts You Should know for your Knowledge part 2
उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है । यद्यपि एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित किया जा सकता है ।
यदि किसी वस्तु पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं करता है तो टक्कर के पहले कुल संवेग टक्कर के बाद कुल संवेग के बराबर होता है. यही संवेग संरक्षण का नियम है ।
किसी वस्तु में उसकी स्थिति के कारण जो ऊर्जा होती है उसे सिथीज़ ऊर्जा कहते हैं ।
प्रकाश द्वारा एक वर्ष मे चली गई दूरी को प्रकाश वर्ष कहते हैं। यह दुरी का मात्रक है । 1 प्रकाश वर्ष = 9. 46 x 10 पावर 12 किमी ।
ऐस्ट्रोनॉमिकल मात्रक (A.U ) सूर्य और पुआई के मध्य औसत दूरी के बराबर होता है! इसका मान 1. 496 x 10 पावर 8किमी।
केबिल समुद्री तार की लंबाई नापने हेतु प्रयुक्त होता है । 1 केबिल 100 फैथम या फीट
यदि किसी मीनार से एक गेंद को ऊर्ध्वत. नीचे तथा दूसरी गेंद को क्षैतिजत: प्रक्षिप्त किया जाए, तो दोनों गेंदें पूध्वी पर गिरने में समान समय लेती है ।
लैम्प की बत्ती मे तेल केशिकीय उन्नयन (केपिलरी ascent ) के कारण चढ़ जाता है! ऐसा पृष्ठ तनाव के कारण होता हे ।
प्तांक नियतांक और कोणीय संवेग के मात्रक समान होते हैं ।
गतिमान डिबे में बैठा व्यक्ति यदि बाहर कोई गेद प्रक्षिप्त करे तो स्वयं उसे गेंद का पथ सीधा परन्तु पूध्वी पर खड़े प्रेक्षक को परवलयाकार प्रतीत होगा ।
एकसमान तृतीय गति मे अरण तथा वेग दोनो ही परिवर्तित होते रहते है ‘ परन्तु चाल नियत रहती है ।
समुद्र तट पर वायुमण्डलीय दाब 1 बार होता है ।
किसी समय अन्तराल ग्रे वायुमण्डलीय दाब के परिवर्तनों को कागज पर अकित करन वाला यंत्र बैरोग्राफ है ।
गैस का दाब नापने का यंत्र मैनोमीटर है ।
अन्तरिक्ष यान की गति धीमी करने के लिए पश्चगतिक रॉकेट (retrorocket ) प्रयुक्त किए आते है ।
विक्रम साराभाई स्पेस सेन्टर त्रिवेन्द्रम मे है ।
चन्द्रमा पर सर्वप्रथम नील आर्मस्ट्रांग ने कदम रखा ।
चन्द्रमा पर पहुँचने वाला प्रथम अन्तरिक्ष यान ल्यूनिक – 2 है ।
प्रथम भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा हैं ।
दृध्वी पर मध्यमान घनत्व 5 .5 ग्रामाघनत्व सेमी हे ।

Some General Science Facts and Questions

General Science Facts You Should know for your Knowledge
अदिश राशि मे केवल परिमाण होता है दिशा नहीं ।
सदिश राशि मे परिमाण के साथ-साथ दिशा भी होती है ।
अदिशो को साधारण नियमों के अनुसार जोड़ा या घटाया जाता हैं ।
सदिशों को वेक्टर बीजगणित १९४० म1?हटहात) के अनुसार जोड़ा या घटाया जाता है ।
एक अदिश और एक सदिश का गुमान सदैव एक सदिश राशि होता है ।
किसी विशेष दिशा में वस्तु की स्थिति में परिठर्तन को विस्थापन कहते हैं । यह एक सदिश राशि है ।
वस्तु द्वारा प्रारंभिक तथा अंतिम स्थितियों के बीच वास्तव में चलित कुल मार्ग को दूरी कहते है । यह अदिश राशि है ।
विस्थापन धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य । सकता जबकि दूरी सदैव धनात्मक होती है ।
समय के सापेक्ष विस्थापन के परिवर्तन की दर को वेग कहते हैं ।
रेलगाडी के डिबो मे धक्का रोकने के लिए बफर नामक यंत्र लगाया जाता है ।
गैलिलियो ने न्यूटन के प्रथम नियम को ‘जड़वत का नियम कहा है।
किसी बाह्य बल की अनुपस्थिति में वश् द्वारा गति की स्थिति में परिवर्तन कर पाने की असमता को गति का जड़त्व कहते है ।
बल द्वारा -२६५ की गति मे उत्पन्न त्वरण केवल हसके द्रव्यमान पर करता है ।
वेग तथा गतिज ऊर्जा प्रक्षेपण बिन्दु पर अदिक्तम जबकि उच्चतम बिन्दु पर न्यूनतम (शून्य नही) होती है ।
जब किसी वस्तु पर बल लगाने से उसमे विस्थापन होता है तब माना जाता है कि बल द्वारा कार्य किया गया है ।
बल तथा बल की दिशा में विस्थापन के गुणनफल को किया गया कार्य कहते हैं।
कार्य करने की दर को सामर्थ कहते हैं ।
सामर्थ्य को अश्व शक्ति में मापित करते हैं । 1 अश्व शक्ति 746 वॉट
कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं ।
वस्तु की गति के गुण के कारण वस्तु में निहित ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते है ।
ऊर्जा संरक्षण का सिद्धात के अनुसार ऊर्जा को न ही उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है । यद्यपि एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित किया जा सकता है ।

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